➤ मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स वार्ड बॉय ने दवाइयों की ओवरडोज लेकर आत्महत्या की कोशिश की
➤ पीड़ित कर्मचारी बलवंत सिंह की जेब से कथित सुसाइड नोट मिला है जिसमें नौकरी से हटाए जाने का जिक्र है
➤ मेडिकल कॉलेज में बिना पूर्व नोटिस के 13 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने का गंभीर आरोप सामने आया है
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ अस्पताल में आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे एक वार्ड बॉय ने सोमवार शाम को कथित रूप से अत्यधिक मात्रा में गोलियों का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त करने का प्रयास किया। दवाइयों के ओवरडोज से उसकी तबीयत अचानक बेहद गंभीर हो गई। आनन-फानन में उसे नेरचौक मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया, जहाँ वर्तमान में उसका इलाज जारी है और डॉक्टरों ने उसकी स्थिति नाजुक बताई है।
आत्मघाती कदम उठाने वाले इस कर्मचारी की पहचान बलवंत सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से घींऊधार, रिवालसर के रहने वाले हैं और वर्तमान समय में भंगरोटू क्षेत्र में एक किराए के मकान में रह रहे थे। जानकारी के मुताबिक, सोमवार की शाम को जब उन्होंने जहरीली दवाइयों का सेवन किया, तो सबसे पहले इसकी सूचना उन्होंने फोन पर अपनी पत्नी को दी। परिजनों को जैसे ही इस भयावह बात का पता चला, वे तुरंत मौके पर पहुँचे और उन्हें लेकर तुरंत नेरचौक मेडिकल कॉलेज पहुँचे। अस्पताल के चिकित्सकों ने तुरंत प्रभाव से उनका उपचार शुरू कर दिया।
इस घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई शुरुआती छानबीन में एक अहम बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान बलवंत सिंह की जेब से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। इस नोट में मुख्य रूप से उन्हें अचानक नौकरी से हटाए जाने और उससे उपजे मानसिक तनाव का जिक्र होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस पत्र में असल में क्या लिखा गया है और इस पूरी घटना की वास्तविक पृष्ठभूमि क्या है, इसकी आधिकारिक और स्पष्ट जानकारी पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। स्थानीय पुलिस ने इस मामले से जुड़े हर एक बिंदु पर गहनता से पड़ताल शुरू कर दी है।
इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी को लेकर भी बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया है। सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, अस्पताल प्रशासन द्वारा हाल ही में आउटसोर्स के जरिए अपनी सेवाएं दे रहे लगभग 13 कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व नोटिस के काम से निकाल दिया गया था। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद से ही संस्थान में कार्यरत अन्य कर्मचारियों के बीच भारी रोष, तनाव और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ था।
फिलहाल, कर्मचारियों को सेवा से बाहर किए जाने की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और बलवंत सिंह द्वारा उठाए गए इस खौफनाक कदम के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं, इसकी अभी तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस इस एंगल को भी अपनी तफ्तीश का अहम हिस्सा मानकर चल रही है।
इस मामले पर आधिकारिक जानकारी देते हुए एसपी विनोद कुमार ने मीडिया को बताया कि पुलिस इस संवेदनशील मामले की हर पहलू से सूक्ष्मता से जांच कर रही है। अधिकारियों द्वारा पीड़ित के परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, साथ ही जेब से मिले कथित सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी करवाई जा रही है। इस घटना के असली कारणों और नौकरी छूटने के तनाव के बीच की कड़ियां पुलिस जांच के मुकम्मल होने के बाद ही पूरी तरह से साफ हो पाएंगी।



